आखिर क्या बीएस3 और बीएस 4 और ये हमारे लिए किस लिए जरुरी है

हेल्लो दोस्तों

आज हम इन दिनों सबसे ज्यादा शुर्खियो में रहने वाले सब्द बीएस 3 और बीएस 4 के बारे में आपको बताएँगे .

आप बीएस 3 को समझे उससे पहले आपको ये दिल्ली का वाक्य सुनना होगा . क्योंकि इसी से ही बीएस शब्द की उत्पति हुयी मणि जाती है .

इसको पढने के बाद आप बीएस 3 और बीएस 4 के बारे में सही तरह से जान पाएंगे

आखिर क्या बीएस3 और बीएस 4 और ये हमारे लिए किस लिए जरुरी है

भारत की राजधानी दिल्ली में सबसे अधिक वाहन चलते है इतने अधिक संख्या में वाहन होने के कारण दिल्ली में प्रदुषण बहुत ज्यादा बढ़ गया था . यहाँ लोगो का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था .

सन 1990 में एक सर्वे किया गया इसमें बताया की दिल्ली विश्व के  टॉप 41 प्रदूषित शहरों में नंबर 4 पर है इससे आप अनुमान लगा सकते है की दिल्ली में कितना प्रदुषण फेल गया होगा .

इसको कम करने के लिए सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी . सुप्रीमकोर्ट ने इसकी कड़ी निंदा की और तत्कालीन भारत सरकार से कहा गया की प्रदुषण को कम करने के लिए ठोस उपाय किये जाये . साथ में यह भी कहा गया की सभी सरकारी वाहनों या बसों में डीजल के स्थान पर CNG का उपयोग किया जाये .

CNG क्या होता है इसके बारे में जानने के यहाँ क्लिक करे 

इसके बाद वाहनों में CNG का उपयोग होने लगा . साथ पुरानी गाडियों को हटाया गया .  साथ में अनेक उपाय किये गए जिससे प्रदुषण को कम किया जा सके .

यहाँ से ही बीएस 3 की शुरुआत हुयी . इसका पूरा नाम भारत स्टेज 3 है . यह एक पेट्रोल और डीजल में सल्फ़र की मात्रा का मापक होता है .

आपको बता दे की डीजल और पेट्रोल में सल्फर होता है और इसकी आवश्यकता से अधिक मात्रा होने पर यह हमारे वातावरण के लिए हानिकारक होता है . बीएस 3 आने के बाद डीजल और पेट्रोल में सल्फ़र की मात्रा सिमित की गयी .

बीएस 3 और बीएस 4 कब लागु हुए —–

बीएस 3 या भारत स्टेज 3 ( 4 व्हीलर )

2010 में बीएस 3 को लागु किया गया जो केवल 4 व्हीलर के लिए ही था . इसमें  कहा गया की डीजल में सल्फर की मात्र 305 पीपीएम ( पार्ट प्रति मिलियन ) और पेट्रोल में 150 पीपीएम होना चाहिए और इससे जुड़े इंजन बनाने चाहिए .

बीएस 4 ( 4 व्हीलर )

इसके बाद बीएस 4 को लागु किया गया 4 व्हीलर वाहनों के लिए.

यह कुछ चुनिदा शहरों के लिए था इसमें दिल्ली & एनसीआर  , मुंबई , कोलकाता . चेन्नई , बेंगलोर , सूरत , कानपूर आगरा , लखनऊ और शोलापुर थे .

इसके बाद इसको पुरे देश में फ़िलहाल लगाया गया है .

बीएस 3 ( २/3 व्हीलर )

2010 में इसे लागु किया गया इसमें भी कहा गया की बीएस 3 इंजन होने चाहिए .

अब हल ही में या 1 अप्रैल 2017 से बीएस 4 पुरे देश में लागु किया गया . इसका असली मुद्दा भारत को प्रदुषण मुक्त बनाना है .

दोस्तों आपको यह पोस्ट कैसी लगी जरुर बताये   अगर आपका विज्ञान से कोई सवाल है तो आप कमेंट में लिखे आपके सवाल का जवाब कुछ बाद आपको मिल जायेगा

जय हिन्द 

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