हर काम बेहतरी के लिए होता है … अनुष्का शर्मा

मै आर्मी बैकग्राउंड से थी इसलिए मुंबई में मेरे शुरूआती दिन बहुत ही मुस्किल भरे थे . क्योंकि अभी तक जिन्दगी आर्मी के नियम – कायदों और लोगो से बंधी हुई थी . मै जिन्दगी में पहली बार सीवीलियंस के बीच थी .  मै स्कूल के समय से ही पढाई से अलग गतिविधियों में आगे रहती थी और इसके साथ साथ पढाई पर भी पूरा ध्यान देती थी . उस समय मै किसी एक वस्तू पर केन्द्रित नहीं थी और मेने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे एक्टर्स बनना है .

हर काम बेहतरी के लिए होता है ... अनुष्का शर्मा

मोडलिंग में मेरी रुचि थी इसलिए 15 साल कि उम्र में ही विज्ञापनों के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया था . शोर्टलिस्ट होती , अंतिम दौर में भी पहुँच जाती और अंत में वह मौका किसी और को मिल जाता था . सिलेक्शन और रिजेक्शन मेरी जिन्दगी का हिस्सा बन गया था .

मै इस सिलेक्शन और रिजेक्शन से इतना परेशान हो गयी थी , कि फिल्म के ऑडिशन के लिए बिना मैकअप के लिए ही चली गयी थी ऑडिशन के बाद फोन आया कि मै शोर्टलिस्ट हो गई हु . इस पर मेरी प्रतिक्रिया बहुत ही सामान्य थी क्योंकि ऐसा पहली बार जो नहीं हुआ था . उसके बाद मेरी मुलाक़ात आदित्य चोपड़ा से हुई तो मेने इसे गंभीरता से लिया . एक फोटोशूट के लिए आदित्य चोपड़ा ने मुझे अपने ऑफिस में बुलाया था . मै जब पहुंची तो उन्होंने बताया कि मुझे फिल्म में तानी का रोल निभाना है और फिल्म थी रब्ब ने बना दी जोड़ी .

मेने उनको धन्यवाद दिया और हाथ मिलाकर वहां से निकल गई . जब मै घर जा रही थी तो मुझे असल ख़ुशी का ऐहसास हुआ . मेंने महसूस किया कि जिन्दगी में कुछ चीजे ऐसी होती है जो आपको एक नई जगह पहुँचाने के लिए होती है . . उसके पहले जो भी रिजेक्शन मिले थे वो शायद इसलिए ही थे कि मै यहाँ तक पहुँच सकू .

एक समय पर जो विज्ञापन मै करना चाहती थी अगर वो मेने किये होते तो आदित्य चोपड़ा मुझे इस फिल्म में नहीं लेते क्योंकि उनके बिल्कूल नए चेहरे कि तलाश थी . मेने उस दिन जाना था कि जिन्दगी में जो कुछ भी होता है वो बेहतरी के लिए होता है .

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