जानिए भारत के नाम इंडिया और हिंदुस्तान कैसे पड़े

दुनिया में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसको चार नामों से जाना जाता है ये है – भारत , इंडिया , हिंदुस्तान , आर्यवर्त . भारत नाम राजा भरत के कारण पड़ा था और आर्यवर्त नाम प्राचीन में आर्यों के आगमन से इनका राज्य स्थापित होने पर रखा गया था . भारत और आर्यवर्त नाम बहुत प्राचीन है . परन्तु इंडिया और हिंदुस्तान नाम ज्यादा पुराने नहीं है . अक्सर लोगो के दिमाग में यह प्रश्न उठता है कि आखिर भारत का नाम अंग्रेजी में इंडिया कैसे पड़ा था . और इसके अलावा भारत का हिंदुस्तान नाम किसने रखा था . आइये इन सवालों का जवाब जानने का प्रयास करते है

जानिए भारत के नाम इंडिया और हिंदुस्तान कैसे पड़े

हमें यह प्रश्न रोहिताश कुमार ने पटना से पूछा से था . अगर आप भी कोई सवाल पूछना चाहते है तो कमेंट में पुच्छे या Contect us पर जाकर पूछ सकते है .

प्राचीन समय में जब सिकन्दर के सेनापति सेल्यूकस ने सम्राट चन्द्रगुप्त मोर्य के समय भारत पर आक्रमण किया तो उसे चन्द्रगुप्त मोर्य के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी थी . 

हारने के बाद सेल्यूकस को अपनी बेटी हेलन का विवाह सम्राट से करना पड़ा था . और दहेज़ या उपहार के तौर पर उसने अफगानिस्तान सम्राट चन्द्रगुप्त मोर्य को सौंपा था . साथ ही सम्राट के दरबार में अपना एक राजदूत को रखा इनका नाम मेगस्थनीज था .

बाद में मेगस्थनीज ने भारत पर एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम इंडिका रखा गया था . इंडिका नाम की इस पुस्तक की कोई कॉपी या प्रति सालों तक सामने नहीं आई . बाद में कई विदेशी इतिहासकारों , यात्रियों , लेखको ने अपनी पुस्तको में मेगस्थनीज की पुस्तक का जिक्र किया . ऐसा माना जाता है की इस इंडिका नाम कि किताब के कारण ही यूरोपियन लोग प्राचीन समय में भारत को इण्डिया कहते थे तब से ही भारत का नाम इण्डिया पड़ गया . इसी कि तर्ज पर भारत पर राज करने वाली कंपनी का नाम ईस्ट इंडिया था . इसी तर्ज पर कोलम्बस ने आज के वेस्ट इंडीज को खोजा था .

अरब लोग स को आसानी से नहीं बोल सकते है इसलिए वे सिंध के आसपास वाले हिस्से को हिन्द कहते थे और इसी कारण भारत का नाम अरबी और फारसी भाषा में हिंदुस्तान पड़ गया था . आजादी के बाद काले अंग्रेजो ने भारत का नाम इंडिया रखा था इन्होने इंडिया इज भारत या भारत देट इज इंडिया मेसे कोई एक लाइन दी थी .

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