खुशखबरी – अब जीन थेरेपी से सम्भव होगा थेलेसिमिया का इलाज

भारत में पांच करोड़ से ज्यादा थेलेसिमिया से पीड़ित लोग है यह एक जन्मजात रोग है और इस रोग के 10 से 12 हजार ग्रसित बच्चे हर साल जन्म लेते है . इस रोग का अभी तक इलाज सम्भव नहीं था और लोग भी इस रोग से कम ही जागरूक है परन्तु अब जीन थेरेपी से इसका इलाज सम्भव हो सकता है .

 मरीजो कि जीन गुणवत्ता में सुधार ;लाने और थेलेसिमिया सहित बच्चो को जन्म लेने से रोकने के लिए नेशनल थेलेसिमिया वेलफेयर सोसाइटी द्वारा डिपार्टमेंटलपीडीऐट्रिक्स ने एलएचएमसी कि सहायता से दिल्ली में दो दिवसीय जागरूकता सम्मेलन किया था . जिसमे 200 से अधिक डोक्टेरो और वैज्ञानिको ने हिस्सा लिया था . इस जागरूकता सम्मेलन में 800 मरीजो के भाग लेने का दावा किया गया .

डॉकटरो का कहना है कि ” जीन थेरेपी कोशिकाओ में आनुवंशिक पदार्थो को कुछ इस तरह सामिल करती है कि असामान्य जीन के स्थान पर अच्छा जीन आ जाता है और जिससे कोशिका के लिए जरुरी प्रोटीन का निर्माण हो सके. जो कोशिका काम नहीं करती है उस कोशिका में एक जीन डाल दिया जाता है . एक वेक्टर के द्वारा इन जींस को कोशिका में पहुचाया जाता है . “

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